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बालाजी महाराज हिन्दू धर्म में भगवान हनुमान जी के एक अत्यंत पूज्यनीय रूप हैं। भारत के कई हिस्सों, विशेष रूप से राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में, हनुमान जी को "बालाजी" के नाम से जाना और पूजा जाता है। "बालाजी" शब्द का अर्थ है – भगवान का दिव्य और शक्तिशाली रूप। बालाजी महाराज को शक्ति, भक्ति, साहस, संकटों से रक्षा और चमत्कारी उपचार का प्रतीक माना जाता है। ऐसा विश्वास किया जाता है कि जो भी श्रद्धा से बालाजी महाराज की आराधना करता है, उसके जीवन के सभी संकट दूर हो जाते हैं और उसे मानसिक शांति व स्वास्थ्य लाभ प्राप्त होता है।
बालाजी महाराज का नाम सुनते ही भक्ति और आस्था की भावना जागृत होती है। भारत में "बालाजी" शब्द मुख्यतः दो प्रमुख देवताओं के लिए उपयोग किया जाता है:
श्री वेंकटेश्वर बालाजी (तिरुपति बालाजी)
ये भगवान विष्णु के अवतार माने जाते हैं।
दक्षिण भारत में आंध्र प्रदेश के तिरुपति में इनका विश्व प्रसिद्ध मंदिर स्थित है।
भक्त इन्हें धन, सुख, समृद्धि और मोक्ष का दाता मानते हैं।
श्री हनुमानजी (बालाजी महाराज)
विशेष रूप से उत्तर भारत, राजस्थान और मध्य प्रदेश में "बालाजी महाराज" कहने पर भगवान हनुमानजी का बोध होता है।
हनुमानजी को संकटमोचक, बल, बुद्धि और भक्ति के प्रतीक रूप में पूजा जाता है।
राजस्थान के सालासर बालाजी और मेहंदीपुर बालाजी धाम अत्यंत प्रसिद्ध तीर्थ स्थल हैं, जहाँ हनुमानजी को "बालाजी महाराज" के रूप में पूजा जाता है।
मेहंदीपुर बालाजी विशेष रूप से भूत-प्रेत बाधा निवारण के लिए प्रसिद्ध है।
बालाजी महाराज की पूजा के लाभ:
रोग, शोक, भय और कष्टों से मुक्ति मिलती है।
शत्रु बाधा और नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है।
आत्मबल, विश्वास और आध्यात्मिक उन्नति होती है।
प्रमुख मंत्र:
"ॐ श्री बालाजी महाराजाय नमः।"
या हनुमानजी के लिए:
"ॐ हनुमते नमः।"